बिहार के इन तीन जिलों में खुलेगा कृषि कालेज, किसानों के लिए खर्च होंगे दो हजार करोड़ रुपए

सबौर कृषि विश्वविद्यालय के अधीन बिहार में तीन और नए कृषि कॉलेज की स्थापना होनी है, रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वतंत्रता दिवस पर गांधी मैदान में आयोजित राजकीय समारोह में इस बात को लेकर घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में जैविक खेती और इंजीनियरिंग के साथ विपणन और प्रबंधन के कार्य में दक्षता हासिल कर सकेगा। सबौर में कृषि जैविक तकनीकी कालेज, आरा में कृषि अभियंत्रण कालेज और पटना में कृषि व्यवसाय प्रबंधन कालेज स्थापित किए जाएंगे।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कई और अहम् घोषणाएं की, मुख्‍यमंत्री ने कहा कि बेरोजगार को कुशल प्रशिक्षण, गांव में स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के किसानों के लिए बाजार समितियों को चरणबद्ध जीर्णोद्धार, स्टोरेज और गोदाम बनाया जाएगा। इसपर 2000 करोड़ खर्च किया जाएगा। बिहार में ईको टूरिज्म का विकास के लिए के लिए नीति बनाई जा रही है। यह कार्य वन विभाग करेगा। पहाड़ियों और वनों का विकास किया जाएगा। पर्यावरण के प्रति जागृति आएगी।

ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए गांवों में दूध सहकारी समिति बनाई जाएगी जिसमें 40 फीसद महिलाओं की समिति होगी। सुधा का उत्पाद बेचने के लिए प्रखंड और नगर पंचायत में बूथ बनेगा। ग्रामीण क्षेत्र में दूध का उत्पादन बिक्री और सुधा का उत्पाद उनके बीच जाएगा।