आमस-दरभंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा वैशाली, राजगीर और बोधगया, जानें कब शुरू होगा रामायण सर्किट पथ
रामायण सर्किट को जोड़ने वाले पथ आमस-दरभंगा एक्सप्रेस-वे से वैशाली, राजगीर और बोधगया को भी जोड़ दिया जायेगा। इसकी जानकारी बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित सहयोग कार्यक्रम के बाद दी। इस पूरे काम को तीन चरणों में पूरा किया जायेगा।
आपको बता दे कि गया के आमस से जहानाबाद, नालंदा के करायपरसुराय व पटना के कच्ची दरगाह, हाजीपुर के कल्याणपुर, समस्तीपुर के ताजपुर से होते हुए दरभंगा के बेला-नवादा के पास एनएच-27 में जाकर मिल जाएगा। एनएचएआई 189 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे का निर्माण करेगा।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि, अगले एक से डेढ़ वर्ष में रामायण सर्किट पथ का काम पूरा हो जायेगा। नवादा से लदनिया (मधुबनी) पथ को भारतमाला प्रोजेक्ट में लेने का प्रस्ताव दिया गया है. साथ ही इंडो- नेपाल पथ को फोरलेन करने का भी प्रस्ताव केंद्र को सौंपा गया है. इस सड़क के लिए नेपाल से भी सहमति मिल गयी है. ये सभी कार्य भारतमाला प्रोजेक्ट के अंतर्गत ही कराये जायेंगे।
आगे उन्होंने बताया कि राज्य की सभी सड़कों और पुलों की मरम्मत करा कर इन्हें हर तरह से सुदृढ़ बनाया जायेगा और बहुत ही जल्द सरकार पुल मेंटेनेंस पॉलिसी लाने जा रही है। इस पालिसी के आने के बाद पुलों पर समुचित लाइट की व्यवस्था के साथ ही इनका सौंदर्यीकरण होगा साथ ही सभी पुलों के नीचे से अवैध कब्जा हटेगा।

