पंचायत चुनाव लड़ने वालों के लिए जरूरी खबर, नामांकन शुल्क से लेकर इन गाइडलाइन को समझ लीजिये
कैबिनेट विस्तार के बाद बिहार में अब पंचायत चुनाव को लेकर सभी तैयारियां तेज हो गई है, ईवीएम (EVM) से लेकर कम्युनिकेशन तक का प्लान तैयार हो रहा है। कोरोना गाइडलाइन्स का अनुपालन करते हुए बिहार में चुनाव को सकुशल संपन्न कराना प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। इसी बीच राज्य चुनाव आयोग ने बिहार पंचायत चुनाव में लडऩे वाले उम्मीदवारों के नामांकन शुल्क का निर्धारण चुनाव आयोग ने कर दिया है। साथ ही चुनाव के दौरान किन-किन नियमों का पालन करना होगा इसको लेकर भी गाइडलाइन जारी की गई है।
जानिए नामांकन शुल्क
मुखिया, सरपंच व पंचायत समिति सदस्य के सीट पर चुनाव लड़ने के लिए एक हजार रुपए नामांकन शुल्क के रूप में देने होगा जबकि पंच व वार्ड सदस्य के लिए 250-250 रुपए शुल्क लगेगा। वहीं जिला पार्षद सदस्य के लिए दो हजार रुपए नामांकन शुल्क निर्धारित किया गया है।
ये गाइडलाइन भी जरूरी
- पंचायत चुनाव के दौरान उम्मीदवार चुनाव कार्यालय खोल सकेंगे लेकिन इसकी सूचना निर्वाची पदाधिकारी को पहले देना होगा,
- किसी भी राजनीतिक दल के नाम पर या दल का झंडा से चुनाव प्रचार नहीं कर सकते है,
- शासकीय और अशासकीय परिसदन विश्राम गृह डाक बंगला एवं अन्य आवासों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए तथा बैठक के लिए किसी उम्मीदवार के द्वारा नहीं किया जाएगा,
- ग्राम कचहरी सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य, पंचायत समिति सदस्य के लिए नाम निर्देशन प्रखंड कार्यालय में दाखिल किया जाएगा,
- जिला परिषद के लिए नाम निर्देशन पत्र अनुमंडल कार्यालय में जमा होगा,
- उम्मीदवार अपने आवास एवं कार्यालय पर प्रचार वाहन या चुनाव प्रचार करने के लिए पोस्टर, बैनर आदि का उपयोग कर सकते हैं।
फिलहाल पंचायत चुनाव को लेकर सभी जिले में जिला स्तरीय अधिकारियों को जवाबदेह बनाते हुए अलग-अलग जिम्मेदारी दी जा रही है इसके साथ ही EVM की व्यवस्था से लेकर मेंटेनेंस तक का जिम्मा दिया जा रहा है। कोविड मानकों का पालन कराने को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है। इसके अलावा सामान की आपूर्ति को लेकर तैयारियां चल रही हैं।



