बिहार में मिशन पांच करोड़ पौधारोपण का शुभारंभ, सीएम नीतीश कुमार ने की शुरुआत

विश्व पर्यावरण दिवस के साथ ही बिहार में अगले कुछ महीने के लिए एक विशेष कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है, इस कार्यक्रम के तहत बिहार की हरित आवरण को बढ़ाने की कोशिश है जिसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में पांच करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। बीते दिन सूबे के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने अपने सरकारी आवास में महोगनी का पौधा लगाकर इस मिशन का आगाज किया है।

मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा पौधशालाओं में साढ़े पांच करोड़ से अधिक पौधे तैयार कराये गये हैं। जिसके मनरेगा, जीविका एवं अलग अलग तरीकों से सफल कराया जायेगा।

वन विभाग द्वारा 1.24 करोड़ पौधे विभिन्न विभागीय योजनाओं के अंतर्गत लगाये जाएंगे दूसरी तरफ ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत मनरेगा द्वारा दो करोड़ तथा बिहार जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति, बिहार के तहत जीविका दीदियों द्वारा डेढ़ करोड़ पौधे लगेंगे। वन विभाग इसके लिए संबंधित संस्थाओं को नि:शुल्क पौधे उपलब्ध कराएगी।

बिहार और झारखण्ड के बटवारे के बाद राज्य का हरित आवरण काफी कम हो गया था, हरियाली वाले अधिक क्षेत्र झारखण्ड के हिस्से चली गई थी लेकिन राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के बाद बिहार के हरित आवरण में काफी सुधार हो रही है।

एक नज़र आकड़ों पर

हरित आवरण के प्रतिशत को बढ़ने के लक्ष्य के साथ साल 2012 में ‘हरियाली मिशन‘ की स्थापना की गयी, जिसके अंतर्गत 24 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया और 22 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण किया गया। बाद में फिर जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत हुई, जो अभी भी चल रही है। पिछले वर्ष 2020 में राज्य में 2.51 करोड़ लक्ष्य के विरुद्ध 4.37 करोड़ पौधे लगाए गए।