भागलपुर के ट्रेनों में इस दिन से मिलेगी बेडरोल की सुविधा, AC बोगी में अब नहीं होगी दिक्कत
ट्रेनों के एसी में सफर करने वाले भागलपुर और आसपास जिले के लोगों के लिए अच्छी खबर है। लोगों को सफर के दौरान घर से कंबल, चादर या तकिया ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आपको बता दें की 25 अप्रैल से ट्रेनों में यात्रियों को फिर से बेडरोल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रतिदिन ट्रेनों की एसी बोगियों के सफर में यात्रा के दौरान तीन हजार बेडरोल पैकेट की जरूरत होती है। इसमें दो चादर, एक तकिया कवर, एक हैंड टावल, एक तकिया एवं एक कंबल रहता है।

हर चौथे दिन धुलाई के लिए ट्रेन से उतरता है। इस हिसाब से चार दिनों में 12 हजार बेडरोल पैकेट की जरूरत रहती है। इसके अलावा छह हजार पैकेट विशेष रूप से व्यवस्था कर रखी जाती है। पुराने कंबल को छांट कर इसे इस्तेमाल में लाया जाएगा। कंबल चार साल तक चलता है।
मुंबई की एजेंसी को मिला है ठेका
बेडरोल आपूर्ति के लिए ठेका एजेंसी बहाल हो गयी है। मालदा व भागलपुर स्टेशन के लिए मुंबई की एजेंसी को ठेका दिया गया है।
बेडरोल की सुविधा की शुरुआत सबसे पहले भागलपुर से चलने वाली वनांचल एक्सप्रेस से होगी। 25 अप्रैल से वनांचल ट्रेन के यात्रियों को बेडरोल की सुविधा मिलने लगेगी।

एसी के यात्रियों को बेडरोल की सुविधा
वहीं 26 अप्रैल से भागलपुर – मुजफ्फरपुर जनसेवा एक्सप्रेस और 27 अप्रैल से भागलपुर से आनंद विहार तक चलने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस में एसी के यात्रियों को बेडरोल की सुविधा मिलने लगेगी।
इस महीने के अंत तक लगभग सभी ट्रेनों के एसी कोच में बेडरोल की आपूर्ति करा दी जायेगी।
30 अप्रैल तक सभी ट्रेनों में बेडरोल की आपूर्ति
हावड़ा – जमालपुर एक्सप्रेस में बेडरोल की सुविधा पहले ही मुहैया करायी जा चुकी है। 30 अप्रैल तक सभी ट्रेनों में बेडरोल की आपूर्ति होने लगेगी।
कोरोना के कारण पिछले दो साल से उपयोग में नहीं आने से भागलपुर में रेलवे के पुराने 35 हजार के करीब चादर व तकिया का कवर बर्बाद हो गया है। पुराने हो चुकी चादरों और कंबल को बदल कर रेलवे नयी की खरीदारी की तैयारी में जुटा है।

