इथनॉल उत्पादन के लिए बिहार में आने लगे निवेशक, 650 करोड़ के तीन प्रस्तावों को मंजूरी
बिहार में इथनॉल उत्पादन इकाई स्थापित किए जाने के लिए पहले स्टेज में तीन प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है, बताया जा रहा है कि बिहार निवेश प्रोत्साहन पर्षद (State Investment Promotion Board) के प्रयास के बाद बिहार में करीब 650 करोड़ का इन्वेस्टमेंट होने की उम्मीद है।
इस कड़ी में मधुबनी, मोतिहारी और गोपालगंज में इथनॉल उत्पादन इकाई स्थापित किया जायेगा, आपको बता दे कि इथनॉल प्रोडक्शन शुरू होने से बिहार में युवाओं के लिए रोजगार के बहुत अवसर सामने आएगी। इथनॉल उत्पादन के लिए बिहार में अलग नीति बनाई गई है, नई नीति को जारी करते हुए उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने बिहार को इथनॉल हब बनाने की बात कही थी।
बताते चलें कि राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद ने इथनॉल प्लांट के जिन प्रस्तावों को पहले चरण की मंजूरी दी है, उसमें सबसे प्रमुख मिथिलांचल क्षेत्र के मधुबनी जिले का है। मधुबनी के लोहट में एक समय में चीनी मिल हुआ करती थी लेकिन वजह अब करीब 400 करोड़ के निवेश के साथ सोनासती ऑर्गेनिक्स द्वारा इथनॉल इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।
एसआईपीबी (SIPB) ने मोतिहारी और गोपालगंज में भी इथनॉल उत्पादन इकाइयों को स्टेज-1 क्लियरेंस दी है, मोतिहारी में तिरहुत उद्योग प्राइवेट लिमिटेड ने 120 करोड़ की लागत से इथनॉल प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है वहीं दूसरी तरफ गोपालगंज में भारत सुगर मिल भी इथनॉल उत्पादन शुरू करेगा जिसके लिए कंपनी ने 133 करोड़ का निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार को दिया है।
क्यों जरूरी है इथनॉल
आसान भाषा में कहे तो इथनॉल एक तरह का अल्कोहल है जिसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है, इसका उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने की फसल से होती है, लेकिन मिठास वाली कई दूसरे फसलों से भी इसे तैयार किया जा सकता है। इथनॉल के इस्तेमाल से 35 फीसदी कम कार्बन मोनोऑक्साइड पैदा होता है।

