नये वर्ष में पर्यटकों से गुलजार हुआ वाल्मीकिनगर टाइगर रिज़र्व, लोगों ने कहा ‘बिहार का कश्मीर’
नव वर्ष के आते ही बिहार के वाल्मीकिनगर टाइगर रिज़र्व में पर्यटकों की गतिविधियां बढ़ गई है, शुक्रवार को ही पर्यटकों से वीटीआर गुलजार हो गया। बिहार के साथ साथ नेपाल से भी अधिक संख्या में यहाँ पर्यटक पहुंच रहे है। नये वर्ष का जश्न मनाने के लिए वीटीआर इस बार हॉट स्पॉट बना हुआ है।
वीटीआर प्रशासन ने जंगल क्षेत्र में पिकनिक पर भी रोक लगाई है हालाँकि इसके वाबजूद बाकी चीजें पर्यटकों के लिए खुले हैं। इसमें जंगल सफारी, नौका विहार, गंडक बोटिंग, रीवर पाथवे समेत अन्य आकर्षण शामिल हैं। वाल्मीकिनगर, गोबर्द्धना व मंगुराहा केंद्रों पर पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठा रहे हैं।
ज़ू सफारी का आनंद
लगभग 900 वर्ग किलोमीटर का विशाल जंगल शुरू से ही सैलानियों की पसंद रहा है। गंडक नदी का किनारा वीटीआर की सुन्दरता में चार चांद लगाता है। वीटीआर के वन्य जीवों को एक नजर देखने के लिए सैलानी लालायित रहते हैं।
विश्राम के साथ वीटीआर की सैर पर्यटकों को जिदगी के तनाव दूर भगाती है। यही वजह है कि वन्य जीव और जंगलों से प्रेम करने वाले सैलानी पर्यटन के इस मौसम में वीटीआर की ओर खींचे चले आ रहे हैं।
गंडक नदी के किनारे पर बना है वाकिंग ट्रैक
वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व में गंडक नदी के बाएं ओर तकरीबन 2 किलोमीटर की लम्बाई वाला एक वाकिंग ट्रैक भी बना हुआ है।वाकिंग ट्रैक के चारों तरफ प्राकृतिक सुन्दरता देखते ही बनती है।
नौकाविहार की सुविधा
इस टाइगर रिज़र्व में वाकिंग ट्रैक के साथ – साथ आप नौकाविहार का लुत्फ़ भी उठा सकते हैं।हिमालय की तराई में वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व (VTR) बिहार-नेपाल-उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर है। यहाँ लगभग तीन किलोमीटर लम्बे नौकाविहार की भी सुविधा उपलब्ध कराई गयी है।
21 दिसंबर को मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने मंत्री संजय झा के साथ नौकाविहार का उदघाटन किया और अब नौकाविहार सभी पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है।अब कोई भी यहाँ आकर नौकाविहार का लुत्फ़ उठा सकता है।
महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रिज़र्व का नाम
बताया जाता है कि रामायण काल में महर्षि वाल्मीकि का आश्रम भारत और नेपाल की सीमाओं के बीच में ही था।यही कारण है कि इस नेशनल पार्क का नाम ‘वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व’ रखा गया है।इस पूरे क्षेत्र को वाल्मीकिनगर के नाम से जाना जाता है और जिस क्षेत्र में बाघों को संरक्षित किया गया है उसे वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व के नाम से जाना जाता है।




