पटना की सड़कों पर लगेंगे 2750 सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी कॉल बॉक्स, AI से शहर की निगरानी

बिहार की राजधानी पटना के सड़कों की निगरानी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से युक्त हाईटेक सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से होगी, जिसके लिए पटना स्मार्ट सिटी के तहत 2750 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना है।

इंटीग्रेटेट कमांड कंट्रोल सेंटर परियोजना के अतर्गत शहर में उच्च क्षमता के कैमरे, इंटरनेंट आधारित वॉयस कॉल बॉक्स, पब्लिक एड्रेस बॉक्स आदि की व्यवस्था होगी। आपदा, क्राइम, एक्सीडेंट समेत किसी भी इमरजेंसी हालात में आम नागरिक कॉल बॉक्स के माध्यम से सीधे प्रशासन को सूचित कर पाएंगे। 

ऐसी होगी व्यवस्था

इस योजना के अंतर्गत शहर के विभिन्न जगहों पर 2750 अत्याधुनिक तकनीक से लैस सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, इन कमरों से जो इनपुट मिलेगा उसे वीडियो एनालिटिक्स के जरिए डी-कोड किया जाएगा। बताते चले कि इन कैमरे की मदद से व्यक्ति विशेष की पहचान भी हो पायेगी साथ ही वॉन्टेड अपराधियों की पहचान आसान होगी।

सड़कों पर वाहन लेकर मनचली अंदाज में भटकने वालों के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी होगा जिसके तहत नंबर प्लेट पहचान, लाल बत्ती उल्लंघन, स्पीड लिमिट उल्लंघन, बिना हेलमेट सवारी, ट्रिपल सवारी समेत यातायात व्यवस्था की डिजिटल मॉनिटरिंग होगी। अगर किसी भी तरह का कोई उलंघन होगा तो अपने आप ई-चालान कट जायेगा।

यहाँ बनेगा डाटा सेण्टर

इस पूरी व्यवस्था के लिए गांधी मैदान स्थित एसएसपी कार्यालय परिसर में ही एक डाटा सेंटर विकसित किया जायेगा, इस डाटा सेण्टर के माध्यम से पूरे शहर की निगरानी होगी।

बीते दिन सोमवार को एकरारनामे के दौरान पटना स्मार्ट सिटी लि. के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी मो. शमशाद, मुख्य महाप्रबंधक सुधीर कुमार साहू, मुख्य वित्त प्रबंधक परविंद सिंह, आईटी मैनेजर राजीव कुमार एवं एलएंडटी के वरीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

15 महीने में पूरा करने का लक्ष्य 

पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 15 महीने के भीतर ही इस इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर परियोजना को पूरा करने के लक्ष्य लिया है, बीते दिन सोमवार को नगर आयुक्त सह पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हिमांशु शर्मा और परियोजना के लिए चयनित एजेंसी लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड के अधिकारियों की उपस्थिति में दोनों पक्षों के बीच करार हुआ।