बिहार: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हुआ और आसान, ड्राइविंग टेस्ट के नियम में हुआ बड़ा बदलाव
बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर होने वाले ड्राइविंग टेस्ट के नियम में एक बड़ा बदलाव किया गया है जिससे बिहार में ड्राइविंग टेस्ट में पास कर पाना काफी आसान हो जायेगा। तो चलिए जानते है कि टेस्ट के किन नियमों में बदलाव किया गया है जो की आवेदकों के लिए एक राहत की भी खबर है।
बिहार में स्थायी लाइसेंस पाने के लिए आवेदकों को एक सख्त टेस्ट पास करना होता था जिसके अंतर्गत आवेदकों को वाहन चलाते हुए दो बार अंग्रेजी का आठ (8) बनाना होता था लेकिन परिवहन विभाग ने टेस्ट के नियमों को थोड़ा सरल कर दिया है।
जमीन पर पांव रखने पर नहीं होंगे फेल
इस टेस्ट के दौरान जमीन पर पांव रखने पर उन्हें फेल कर दिया जाता था लेकिन परिवहन विभाग द्वारा नियमों में बदलाव के बाद अब आवेदक परीक्षा के दौरान दो बार जमीन पर पांव रख सकेंगे। दो बार पैर रखने पर उन्हें फेल नहीं किया जाएगा।
परिवहन मुख्यालय की ओर आदेश जारी होने के साथ ही इस नए नियम को लागू कर दिया गया है, अधिकारियों की मानें तो टेस्टिंग ट्रैक से संबंधित सारे कंप्यूटर्स में इस आदेश के तहत संशोधन कर दिया गया है। पहले टेस्ट पास करने वालों की संख्या 45 से 50 फीसद ही होती थी। नए आदेश के बाद 80 फीसद तक आवेदकों के पास होने की उम्मीद है।
सब कुछ होगा आटोमेटिक
आपको बता दे कि पटना और औरंगाबाद जिले में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाए गए है जहाँ किसी प्रकार की पैरवी काम नहीं करती है और सब कुछ स्वत: कंप्यूटर में रिकार्ड होते जाता है। इसी आधार पर बिहार के सभी जिलों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाए जाएंगे और यहां ड्राइविंग टेस्ट मैनुअली नहीं बल्कि तकनीक के जरिए होगा।
एडवांस तकनीक से लैस इन ट्रैक्स के निर्माण के लिए 20 बड़े जिलों को राज्य सरकार 75-75 जबकि छोटे जिलों को 50-50 लाख की राशि आवंटित कर चुकी है. सरकार के इस कदम से RTO के स्तर पर होने वाले भ्रष्टचार पर भी लगाम लगेगी।

