बिहार-झारखंड के बीच 200 रूटों पर चलेंगी नई बसें, अब इन जगहों तक भी जाएंगी गाड़ियां
राज्य सरकार बिहार से झारखंड के बीच चलने वाले बसों की संख्या में भारी इजाफा करने जा रही है, बताया जा रहा है कि दोनों राज्यों के बीच अलग अलग रूटों पर कुल 200 रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। जिसके लिए वाहन स्वामियों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।
इस महीने के 22 तारीख तक आवेदन प्रक्रिया की जाएगी जिसके बाद अगले माह 19 नवंबर को विश्वेश्वरैया भवन में राज्य परिवहन प्राधिकार सह परिवहन आयुक्त के कार्यालय में आयोजित बैठक में बसों की परमिट पर अंतिम मुहर लगेगी। बता दे कि कई रूट ऐसे हैं, जिसपर एक भी बस नहीं चल रही जबकि कई रूटों पर बसों की संख्या निर्धारित परमिट से काफी कम हैं।
काफी कम है बसों की संख्या
बिहार-झारखंड के बीच हुए पारस्परिक परिवहन समझौता के अनुरूप अंतरराज्यीय मार्गों पर बड़ी संख्या में परमिट कोटा है, जिसके अनुपात में बसों की संख्या काफी कम है। पटना से रांची के बीच 500 बसों का परमिट कोटा है, जिसमें 465 रिक्तियां हैं। इसी तरह पटना से टाटा के बीच 200 में 157, हजारीबाग के बीच 200 में 157 व देवघर के लिए 125 में 121 रिक्तियां हैं।
इन रूटों पर नहीं हो रहा परिचालन
कई रूट ऐसे भी हैं, जिसमें बसों का परिचालन नहीं हो रहा। इसमें पटना बहरागोड़ा, आरा-गिरीडीह, भभुआ-रांची, गया-बोकारो, गया-देवघर, गया-दुमका, औरंगाबाद-गिरीडीह, जहानाबाद-बोकारो, नवादा-टाटा, नवादा-हजारीबाग, हसुआ-रांची, मुंगेर-टाटा, जमुई-टाटा, जमुई-देवघर, बेगूसराय-टाटा, बेगूसराय-बोकारो, बेगूसराय-देवघर, खगडिय़ा-धनबाद, छपरा-रांची, छपरा-टाटा, छपरा-बोकारो, मुजफ्फरपुर-धनबाद, सीवान-हजारीबाग, भागलपुर-रांची, भागलपुर-हजारीबाग, बांका-टाटा, दरभंगा-बोकारो, हजारीबा-किशनगंज आदि शामिल हैं।

