IAS टॉपर शुभम के मार्कशीट आने के बाद क्यों बिहार में होने लगी जाति पर बहस? कई ट्वीट वायरल

बिहार के शुभम कुमार (Shubham Kumar) ने जब से संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में टॉप किया है बिहार के लोगों के बीच एक अलग ही तरह की ऊर्जा का संचार हुआ है। शुभम ने न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे राज्य के  लोगों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। मीडिया ने भी शुभम को फुल कवरेज दिया और उनकी हर उस बात को सामने लाया जो आने वाले समय में अन्य छात्र-छात्राओं के लिए भी प्रेरणा का काम करे।

इंटरव्यू में मिला कम अंक

लेकिन जब से टॉपर्स के मार्कशीट को जारी किया है बिहार में जाती को लेकर चर्चा फिर से गरमा गई है, दरसअल आयोग द्वारा जारी किए गए मार्कशीट में देखा जा सकता है कि शुभम को टॉप 10 में इंटरव्यू में सबसे कम अंक मिला जबकि रिटेन परीक्षा में सबसे अधिक।

रिटेन एग्जाम में सबसे अधिक अंक लाने पर यह साफ़ तौर से जाहिर हो रहा था कि शुभम कलम का धनी है, लेकिन अपनी बातों को साक्षात्कारकर्ताओं के समक्ष रख पाने में बहुत खरा नहीं उतरे, इसलिए उन्हें कम अंक मिले। लेकिन जैसे ही यह बात सामने आई कि शुभम कुमार कुशवाहा, यानी ओबीसी समाज से आते हैं, इसे राजनीति ने अपने चश्मे से देखना शुरू कर दिया।

कई ट्वीट वायरल

खुद को तेजस्वी यादव का राजनीतिक सलाहकार कहने वाले संजय यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा, ”इस बार UPSC परीक्षा OBC वर्ग के कुशवाहा जाति से आने वाले शुभम कुमार ने टॉप किया. उन्हें Top-10 में लिखित परीक्षा में सबसे अधिक अंक 878, लेकिन इंटरव्यू में सबसे कम 176 अंक प्राप्त हुए. वहीं Top-10 में लिखित में सबसे कम 816 अंक लाने वाली अल्पा मिश्रा को इंटरव्यू में सबसे अधिक 215अंक मिले.”

 

आगे उन्होंने फिर ट्वीट किया और आगे लिखा, ”5वीं रैंक प्राप्त करने वाली ममता यादव को लिखित में 855 और इंटरव्यू में मात्र 187 अंक मिले जबकि उनसे लिखित में 839 कम अंक प्राप्त करने वाली तीसरी रैंक अंकिता जैन को इंटरव्यू में 212 तथा चौथी रैंक यश जलुका को लिखित में 851 और इंटरव्यू में 195 अंक मिले. यह संयोग है या प्रयोग!”।

कई राजनेताओं के ट्वीट के अलावे भी सोशल मीडिया पर कई तरह तरह की चर्चाएं तेज है जिसमें इंटरव्यू को जाती के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर ही इन नेताओं को लताड़ा भी जा रहा है।