बिहार: राजगीर में बने देश के अनोखे जू सफारी में दिखेगा प्रकृति के अदभुत नजारे के बीच शेर और बाघ
बिहार के राजगीर में देश का पहला ऐसा जू सफारी (Rajgir Zoo Safari) बनकर तैयार हो गया है, वन्य जीवों के लिए इस तरह के ठिकाने देश में नहीं के बराबर हैं। राजगीर में स्वर्ण गिरी और वैभार गिरि पहाड़ियों की तलहटी में स्थित इस ज़ू सफारी का मनोरम और अद्भुत नजारा देखने लायक है।
पिछले ही महीने अगस्त में बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने जू-सफारी का जायजा लिया था ऐसे में उम्मीद जताया जा रहा है की बहुत ही जल्द इसका उद्घाटन भी कर दिया जायेगा जिसके बाद यह आधिकारिक तौर पर दर्शकों के लिए खोल दिया जायेगा।
191 हेक्टेयर में फैला है सफारी
191 हेक्टेयर में बने जू सफारी में शेर, बाघ, तेंदुआ, भालू और हिरण का अलग-अलग सफारी बना हुआ है। अपने इलाके में ये जानवर विचरण करते नजर आएंगे। पर्यटक मजबूत ग्लास (शीशा) लगे बंद वाहन में सवार होकर उन्हें नजदीक से देखने का आनंद उठाएंगे। इसके लिए विशेष तौर पर तैयार पूरी तरह वातानुकूलित वाहन आ गए हैं।
तेंदुआ और भालू के स्थल के किनारे वाले क्षेत्रों में घेराबंदी के ऊपरी भाग में बिजली का करंट दौड़ाया गया है, ताकि वे किसी तरह बाहर नहीं निकल सकें। सुरक्षा का भरपूर ख्याल रखा गया है। सभी जानवरों के अलग-अलग सफारी हैं। सुरक्षा की दृष्टि से प्रवेश द्वार पर दो-दो गेट बने हैं। एक में प्रवेश के बाद उसके बंद होने के बाद दूसरा खुलता है।
सफारी में 25 हेक्टेयर क्षेत्र शेर के लिए रिजर्व किया गया है, इस सफारी के लिए गुजरात के गिर से शेर लाये गए है जो वर्तमान में क्वारंटाइन पीरियड गुजार रहे है। हमारे देश में सिर्फ गुजरात के गिर वन में शेरों का प्राकृतिक वास है।
जानिए क्या है इसकी विशेषताएं
- बिहारी इतिहास के अनुरूप पारिस्थितिकी प्रणाली को पुनर्जीवित करना इसका थीम है।
- लगभग पौने दो हेक्टेयर में फैला पार्किंग स्थल अपने आप एक बड़ा क्षेत्र है तो बताता है कि यहाँ कितने लोग आने वाले है।
- 1,111 वाहन लगाने की जगह के साथ साथ प्रवेश द्वार, शौचालय, पेयजल, टिकट काउंटर है।
- 3.31 हेक्टेयर में हिरण थीम आधारित रिसेप्शन काउंटर बना है,
- देश का पहला तितली घर,
- कैम्पस में गार्डेन, म्यूजियम, कैफेटेरिया, रिसेप्शन, औषधालय, कियोस्क की स्थापना की गयी है।
- प्रशासनिक ब्लॉक में मंडल वन पदाधिकारी, सफारी निदेशक, वन उपमंडल पदाधिकारी व रेंज पदाधिकारी के कार्यालय बनाये जाने हैं।
- प्रबंधन ब्लॉक में पशु चिकित्सा अस्पताल, शाकाहारी रसोई, मांसभक्षी रसोई, शव परीक्षा कक्ष व श्मशान भी हैं।
- 36 कर्मियों के रहने के लिए आवास की व्यवस्था है,
- 89 करोड़ की अनुमानित लागत को सरकार ने बढाकर 177 करोड़ की है,
- निदेशक व उप निदेशक के अलावा कर्मचारियों के लिए 15 इलेक्ट्रिक बाइक की खरीद की जाएगी,
- बाहर से आने वाले सैलानियों के लिए विशेष सुविधाओं से लैस वातानुकूलित बस की खरीदारी की जानी है और बहुत ही जल्द इसे भी शामिल कर लिया जायेगा।

