बिहार: पिता बस स्टैंड के पास चलाते हैं खैनी की दुकान, निरंजन ने अब UPSC में पाई दूसरी बार सफलता
बिहार के नवादा जिले के निरंजन कुमार ने एक बार फिर से कमाल कर दिखाया है, जिले के पकरीबरावां के निवासी अरविंद कुमार के बेटे निरंजन ने चार साल के अंतराल के बाद दूसरी आर यूपीएससी की सिविल सर्विसेज परीक्षा में सफलता पाई है। बस स्टैंड के पास खैनी की दुकान चलने वाले पिता बेट की सफलता पर अभिभूत हैं।
दूसरी बार हुए यूपीएससी में सफल
साल 2017 में निरंजन ने यूपीएससी में 728 वां रैंक प्राप्त किया था तब उन्हें राजस्व सेवा मिला था लेकिन इस बार शुक्रवार (24 सितंबर ) को घोषित यूपीएससी में सफलता पाकर आइपीएस बन गए हैं। वर्तमान में निरंजन दिल्ली में इनकम टैक्स विभाग में डिप्टी कमिश्नर के पद पर हैं, अपनी व्यस्तता के बाद भी अपनी ऊंची सफलता की ललक को नहीं छोड़ा और अपनी दिन रात की मेहनत के बदौलत वे दूसरी बार यूपीएससी में प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए जहां उन्हें 535 वां रैंक प्राप्त हुआ। इस बार उन्हें पुलिस सेवा मिला है।
पिता चलाते है खैनी की दुकान
निरंजन के पिता मूलतः वारिसलीगंज के निवासी है। वे वर्षों से पकरीबरावां में रहे हैं। वे पकरीबरावां बाजार में खैनी की दुकान चलाते हैं। निरंजन ने वर्ष 2004 में जवाहर नवोदय विद्यालय रेवार नवादा से मैट्रिक की परीक्षा पास की। वर्ष 2006 में उसने साइंस कॉलेज पटना से इंटर की परीक्षा पास की। इसके बाद आईआईटी किया।
आईआईटी करने के बाद वे कोल इंडिया लिमिटेड धनबाद में सहायक मैनेजर के पद पर काम किया। इस बीच उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। कम समय मिलने के बावजूद भी वे पूरी तत्परता से लगे रहे। परिणामतः वर्ष 2016 में उन्हें यूपीएससी में सफलता मिली और उन्हें इनकम टैक्स में डिप्टी कमिश्नर का पद मिला। इसके बाद भी वे लगे रहे।
परिवार व गुरुजनों को सफलता का श्रेय
निरंजन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता- पिता, गुरुजनों, परिवार के सदस्यों, पत्नी एवं अपनी बेटी को दिया है, निरंजन की सफलता से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरे पकरीबरावां में खुशी का माहौल है। जानकारी मिलते ही लोगों ने निरंजन एवं उसके पिता को बधाई देना शुरू किया।

