जख्मी बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंची बंदरिया,भावुक कर देंगी आपको यह तस्वीरें

Monkey arrived for treatment with a child in her lap do

मां और बेटे का प्यार अटूट होता है इसी का प्रमाण रोहतास जिले में रह रहे एक बंदरिया ने दे दिया है दरअसल पूरी कहानी आपको इस लेख में बताई गई है जिसे सुनकर आप भी हो जाएंगे भावुक

रोहतास के सासाराम में घायल बंदरिया अपना इलाज कराने के एक निजी अस्पताल में पहुंच गई जिसके बाद डॉक्टर ने बंदरिया के सिर में लगे चोट पर दवाई लगाई और फिर इलाज के बाद बंदरिया क्लीनिक में ही बेड पर लेट गयी |

Monkey arrived for treatment with a child in her lap do इलाज के दौरान बंदरिया ने अपने बच्चे को सीने से लगा कर रखा था लोगों का कहना है कि बंदरिया के साथ घूमती रहती है और रविवार को बंदरिया के सिर में चोट लग गई थी जिसके बाद वह खुद ही क्लीनिक के बाहर बैठ गए और फिर डॉक्टर के इलाज के लिए डॉक्टर को क्लीनिक में अंदर ले गएMonkey arrived for treatment with a child in her lap doजिला मुख्यालय सासाराम के मुहल्ला शाहजुमा में एक बंदरिया अपने बच्चे के साथ घूमती रहती है। रविवार को उसके सिर में चोट लगी थी। वह मोहल्ले में स्थित डॉ. एसएम अहमद के निजी क्लिनिक के बाहर आकर बैठ गई।Monkey arrived for treatment with a child in her lap do

डॉक्टर के स्टाफ ने जब घायल बंदरिया को वहां देखा तो उसे उठाकर इलाज के लिए अंदर ले गए। इसके बाद उसका इलाज किया गया। इस दौरान बंदरिया का बच्चा उसके सीने से लगा रहा। चर्चा के योग्य डॉक्टर भी है जिस तरीके से बंदरिया के भरोसे जीतकर इन्होंने शांति से इलाज किया इसकी भी मिसाल देने लायक है|

Monkey arrived for treatment with a child in her lap do

इलाज के बाद बंदरिया कुछ देर वहीं लेट गई। फिर कुछ देर बाद खुद ही क्लिनिक से बाहर निकल गई। अब इस घटना की चारों ओर चर्चा हो रही है कि बंदरिया खुद कैसे डॉक्टर के पास पहुंच गई। बंदर की मानसिकता की चर्चा पूरे जिले समेत बिहार में हो रही है|

Monkey arrived for treatment with a child in her lap do

लोग उसकी समझदारी की चर्चा कर रहे हैं। डॉक्टर अहमद ने कहा कि पूरे इलाज के दौरान बंदरिया बिल्कुल शांत रही और इलाज के बाद आराम कर चुपचाप चली गई। आमतौर पर देखा जाता है कि जानवर का इंसानों से बिल्कुल ही नहीं बनता खासकर बंदर इंसान पर भरोसा करते ही नहीं है |