बिहार: IAS ऑफिसर की अनूठी पहल! ‘किताब दान’ अभियान से गांव में खोल दिए 152 पुस्तकालय

बिहार के पूर्णिया जिले के जिलाधिकारी राहुल कुमार ने अपनी एक अनोखी पहल के माध्यम से जिले में अब तक 152 पुस्तकालय खोले जा चुके है और यह संख्या अगले कुछ ही दिनों में बढ़ने वाली है। दरअसल पूर्णिया के डीएम राहुल कुमार (Purnia DM Rahul Kumar) द्वारा शुरू किया गया ‘किताब दान’ अभियान का जिले में जबरदस्त असर दिख रहा है, अब तक हजारों लोगोंं ने डीएम की अपील पर एक लाख पुस्तकें दान में दी हैं।

इस कोरोना महामारी के दौर में पुस्तकालय बंद रहे, लेकिन एक सितम्बर से पुस्तकालय खोले जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में इस अभियान का काफी असर हो रहा है. इससे जहां ग्रामीण इलाके के लोगों को पुस्तकालयों में बैठकर पढ़ने का मौका मिल रहा है. वहीं लोगों की घरों में बेकार पड़ी पुस्तकें जरूरतमंदों तक पहुंच रही हैं। डीएम ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों में रखी पुस्तकों को दान करें ताकि दूसरे लोग भी इसका फायदा उठा सकें।

 

 

क्या है अभियान- किताब दान?

जिलाधिकारी राहुल कुमार बताते हैं कि अधिकांश लोगों के पास किताबें होती हैं, जिन्हें वह पढ़ चुके होते हैं। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके पास किताबें नहीं होती हैं। इस गैप को पाटने के लिए हमने ‘अभियान-किताब दान’ के बारे में सोचा। पंचायत या सामूदायिक भवन में लाइब्रेरी खोला गया है। हर पंचाचत में करीब 500 किताबें दीं। हमारा लक्ष्य सभी 230 पंचायतों तक इसे पहुंचाने का है।

लाइब्रेरी के सफल संचालन के लिए हर पंचायत में एक कमेटी की स्थापना की गई है। इसमें रिटायर शिक्षक, अवकाश प्राप्त सरकारी सेवक, नेहरू युवा केंद्र से जुड़े लोगों को रखा गया है। 300 लोगों को चार दिनों की ट्रेनिंग भी दी गई। इसके लिए बाहर से लाइब्रेरी एक्सपर्ट्स को बुलाया गया।