मिलिए बिहार के दारोगा गुरु से… गांव की सैकड़ों बेटियों को बना रहे पीटी उषा और पहन रहे वर्दी

एथलेटिक्स में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 11 बार शामिल होने और कई मेडलों पर कब्जा जमाने वाले मुंगेर के जमालपुर निवासी एथलेटिक्स कुंदन उर्फ बल्लू अब युवाओं का भविष्य बना रहे हैं। अपने क्षेत्र में आज वह बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे है और हर वर्ष दर्जन भर से भी अधिक युवक युवतियां पुलिस, रेलवे सेना और दरोगा की शारीरिक दक्षता (पीटी) में पास करते है।

अलग अलग राज्यों में पहुंच चुके है छात्र

पूरे बिहार में दरोगा गुरु के नाम से प्रसिद्ध कुंदन अपने प्रशिक्षण के एवज में वे किसी तरह का शुल्क नहीं लेते हैं और पिछले पांच सालों से बच्चों के भविष्य को सवारने में जुटे है। पांच वर्षों में कुंदन से प्रशिक्षित लगभग 90 से ज्यादा युवक और युवतियों को पुलिस, रेलवे सेना और दरोगा की शारीरिक दक्षता (पीटी) में पास देश के कई राज्यों में अपनी सेवा दे रहे हैं।

अभी वर्तमान कुंदन में 80 युवक-युवितयों की ट्रेङ्क्षनग दे रहे हैं। सभी इस वर्ष के अंत और अगले वर्ष होने वाले दरोगा, बिहार पुलिस, रेलवे और सेना की पीटी में शामिल होंगे। प्रतियोगी परीक्षा की लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद प्रतिभागी कुंदन से पीटी ट्रेनिंग के लिए मुंगेर के अलावा दूसरे जिलों से भी पहुंचते हैं।

एक हादसे ने सब कुछ बदल दिया

साल 2015 में कुंदन का चयन सीआइएसफ दरोगा के लिए हुआ था, कुंदन अपनी सेवा देने वाले थे की एक हादसे में उन्हें बांये आंख खो देना पड़ा और इसी वजह से वह ज्वाइन नहीं कर सके। कुंदन ने बताया कि लिखित परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद ज्यादातर प्रतिभागी पीटी में सफल नहीं हो पाते हैं। एथलेटिक्स होने के कारण उन्हें पीटी का खास अनुभव है। सरकारी नौकरी की परवाह नहीं किए बगैर युवाओं को एथलिट का गुर सीखाने की सोच बना ली। इस काम में सहयोगी मृत्युंजय भी भरपूर सहयोग करते हैं।

तीन महीने तक चलता है प्रशिक्षण

एथलेटिक्स कुंदन जमालपुर के रेलवे गोल्फ मैदान और काली पहाड़ी पर में सुबह और शाम में हर दिन प्रतिभागी कसरत और दौड़ सीखाते हैं। गोल्फ मैदान और पहाड़ी पर सभी को शारीरिक दीक्षा दिया जाता है। फ्राग जंप और ऊंचाई जंप सीखा रहे हैं। 80 युवक-युवतियों को बेहतर धावक बनाने के साथ दरोगा, बिहार पुलिस व सेना में भर्ती को लेकर मैदान में तैयारी करवा रहे हैं। युवक-युवती को बेहतर धावक ही नहीं बल्कि नौकरी में जाने के लिए शारीरिक रूप से दक्ष बना रहे हैं। पीटी के लिए पूरा कोर्स तीन माह का होता है।