बिहार में फैल रहा सट्टा मटका का कारोबार, जानिए क्या है सट्टा मटका और कैसे खेलते है ये गेम?
बिहार में सट्टा मटका (Satta Matka) का कारोबार बढ़ता ही जा रहा है.इसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय सक्रिय हो गया है। प्रदेश के सभी जिलों के एसपी को में इसको लेकर अपनी सक्रियता बढ़ाने का निर्देश भी दिया गया है।
इसके साथ ही जहां कहीं भी सट्टा मटका का कारोबार चल रहा हो इसपर तत्काल कार्रवाई करने को भी कहा गया है। दरअसल, सट्टा मटका का कारोबार एक तरह का जुआ (Satta Matka Gambling) होता है।
बड़े पैमाने पर इसमें जुआ खेला जाता है, यही कारण है कि इसे जुआ का राजा भी कहा जाता है। बिहार ही नहीं पूरे भारत में सट्टा मटका पर रोक है। बावजूद इसके यह बड़े पैमाने पर खेला जाता है।
क्या है सट्टा मटका?
सट्टा मटका (Satta Matka) एक प्रकार का जुआ है. वैसे इसको खेलने की परंपरा तो बहुत पुरानी है.पहले यह खेल पर्ची पर खेला जाता था। लेकिन,अब सट्टा मटका ऑनलाइन खेला जाता है.कई वेबसाइट्स और ऐप्स के जरिये भी इसे खेला जा रहा है।
ऑनलाइन सट्टा मटका खेलने वाले को कई नंबर्स में से कोई एक नंबर चुनना होता है। उसपर शर्त लगानी होती है। सही नंबर चुननेवाले को जीता हुआ माना जाता है।

खेल जीतनेवाले खिलाड़ी को सट्टा किंग कहते हैं और जीतने के बदले उसे पैसे दिये जाते हैं। गैरकानूनी होने के बावजूद यह भारत के सबसे बड़े बिजनेस में से एक है।
सट्टा मटका (सटका मटका)एक खतरनाक खेल है और इस खेल में बहुत अधिक जोखिम है। लेकिन इस खेल में जोख़िम से ज्यादा लाभ होने के कारण लोग इस खेल की तरफ आकर्षित होते है।
पुरुष ही नहीं महिलायें भी खेलती हैं Satta Matka
Satta Matka सट्टा मटका (सटका मटका) पुरुष ही नहीं इसे महिलायें भी खेला करती हैं। प्राचीन काल में बड़े घर की महिलायें इसे शौखिया तौर पर खेला करती थी। लेकिन,तब वे लोग इसे पर्ची पर खेला करती थी।
अब इसे ऑनलाइन खेला करती हैं। प्राचीन काल में एक मटके के अंदर कईं पर्चियां डाली जाती थी। उसमें से एक पर्ची निकाल कर उसका नंबर निकला जाता था।

तो कुछ इस प्रकार से प्राचीन काल में पारम्परिक तरीके से सट्टा मटका (सटका मटका) खेल खेला जाता था। खेल में मटके का प्रयोग होने के कारण इस खेल का नाम सटका मटका रखा गया था।
शुरुआत के समय में सट्टा,कॉटन के दाम पर खेला जाता था। सट्टा मटका (सटका मटका) खेल 90 के दशक में बहुत ही अधिक लोकप्रिय था।


