बिहार के पटना-बक्सर फोरलेन पर जल्द शुरू होगा परिचालन, इन 3 जिलों को मिलेगा फायदा
बिहार में एक और फोरलेन पर जल्द ही आवागमन की शुरुआत होने जा रही है। पटना-भाेजपुर-बक्सर फोरलेन पर दिसंबर 2022 से आवागमन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
इस सड़क में कोइलवर से भाेजपुर और भोजपुर से बक्सर करीब 91.75 किमी लंबाई में सड़क का काम करीब 90 फीसदी पूरा हो चुका है।
एजेंसी का चयन इस साल के अंत तक
सड़क निर्माण के बचे हुए 10 फीसदी काम को तेजी से पूरा करने का निर्देश निर्माण एजेंसी काे दिया गया है। वहीं, पटना से कोइलवर तक करीब 33 किमी लंबाई में मुख्य परियोजना सोन नदी पर छह लेन कोइलवर पुल से आवागमन शुरू हो चुका है।
वहीं, इस सड़क का एक भाग दानापुर – बिहटा फोरलेन एलिवेटेड सड़क बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इसके लिए निर्माण एजेंसी का चयन इस साल के अंत तक होने की संभावना है। साथ ही 2025 में एलिवेटेड सड़क बन कर तैयार हाे जायेगी।
1500 करोड़ रुपये की लागत
सूत्रों के अनुसार एनएच-84 कोइलवर से भाेजपुर तक करीब 43.85 किमी लंबाई में फोरलेन सड़क का निर्माण करीब 1500 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है।

वहीं, भाेजपुर-बक्सर फोरलेन सड़क करीब 47.90 किमी लंबाई में करीब 1195.18 करोड़ रुपये की लागत से बन रही है। इसमें गंगा नदी पर दो लेन पुल का निर्माण शामिल है।
125 किमी लंबी है सड़क
गौरतलब है कि पटना-भोजपुर-बक्सर फोरलेन सड़क करीब 125 किमी लंबाई में बनाने की सहमति 17 अगस्त 2015 को हुई थी। हालांकि, इस सड़क का निर्माण 18 अप्रैल 2018 से शुरू हुआ।
इसके बाद 16 अक्तूबर, 2020 को इसका निर्माण पूरा होना था, लेकिन कोरोना सहित अन्य वजहों से करीब दो साल विलंब से इसका निर्माण पूरा होगा।
तीन जिलों को होगा फायदा
पटना-भोजपुर-बक्सर फोरलेन सड़क बनने का सीधा फायदा तीनों जिलों के लोगों को मिलेगा। साथ ही पटना से दक्षिण और पश्चिम बिहार की तरफ जाने वालों को सुविधा होगी। यह फोरलेन सड़क आने वाले वर्षों में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से भी जुड़ेगी।
इसके लिए फोरलेन सड़क बनाने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। अगले दो साल में सड़क बनकर तैयार होने और इस सड़क के पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से जुड़ने लोग बाद लोग करीब आठ घंटे में ही पटना से दिल्ली पहुंच जाएंगे।
साथ ही अयोध्या, लखनऊ, आगरा और दिल्ली जाना आसान हो जायेगा। इस सड़क के बनने से बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच बेहतर सड़क कनेक्टिविटी होगी, जिससे व्यापार, पर्यटन आदि को भी बढ़ावा मिलेगा।


