400 करोड़ की लागत से मुजफ्फरपुर जंक्शन बनेगा वर्ल्ड क्लास, जाने कैसे बढ़ेगी यात्रियों की सुविधा

बिहार के कई बड़े शहरों के रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने की योजना है, इसी कड़ी में सोनपुर रेल मंडल का मुजफ्फरपुर जंक्शन अगले कुछ सालों के भीतर ही चकाचक होने वाला है। पूर्व मध्य रेलवे ने इसे पुनर्विकास करने का फैसला किया है तो आइए जानते है मुजफ्फरपुर जंक्शन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए क्या क्या किया जायेगा –

आपको बता दे कि स्टेशन पुनर्वास योजना के तहत मुजफ्फरपुर जंक्शन का दोबारा विश्वस्तरीय निर्माण कराया जा रहा है, करीब 400 करोड़ की राशि को खर्च कर इस जंक्शन को बेहतर बनाया जायेगा। इसके तहत कई तरह के बदलाव हो रहें है नए टर्मिनल, एलिवेटेड रोड, प्लेटफार्म विस्तार के साथ यात्री सुविधा के लिए कॉन कोर्स का निर्माण होगा।

निर्णाम काम हुआ शुरू

पूर्व मध्य रेलवे ने इसे पुनर्विकास के लिए तैयारी पूरी कर ली है, रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। तीन साल के भीतर आधुनिक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के साथ स्टेशन को नया रूप देने और सुधारने का काम सौंपा गया है। आरएलडीए के अधीन इसका निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है।

एक्जिट प्वाइंट होंगे बंद

मुजफ्फरपुर जंक्शन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सभी एक्जिट प्वाइंट को बंद कर दिया जाएगा। सिक्यूरिटी चेक से लेकर स्कैनर मशीन तक लगाए जाएंगे। स्टेशन के एरिया में आने के बाद दो मंजिले पर वाहनों की पार्किंग होगी। एयर कानकोर्स से उतरकर यात्री प्लेटफार्म पर जाएंगे। प्लेटफार्म ग्राउंड लेवल पर ही रहेगा।

स्वचालित सीढ़ी, बुजुर्ग एवं दिव्यांगों के लिए लिफ्ट आदि की व्यवस्था रहेगी। स्टेशन के आठ नंबर प्लेटफार्म के आगे बने रेलवे के 14 क्वार्टरों को तोड़कर ब्रह्मपुरा रेलवे कालोनी में शिफ्ट किया जाएगा। स्टेशन के पूर्वी साइड का ऐसा लुक बनाया जाएगा कि रेल यात्री सिटी बस से वहां उतर कर टहलते हुए सिक्यूरिटी चेक के बाद ट्रेन पकड़ेंगे।

मिलेगी ये सुविधाएँ सुविधाएँ

प्रस्तावित योजना के तहत, स्टेशन परिसर में एक नया स्टेशन भवन बनाया जाएगा, जिसमें फ्री मूवमेंट के लिए प्लेटफॉर्म पर 108 मीटर चौड़ा एयरप्लाजा और यात्रियों के लिए एक वेटिंग एरिया भी होगी।  प्लेटफॉर्म पार्सल और आरएमएस के लिए भी सुविधाएं होंगी।

आरएलडीए के उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर लिफ्ट, एस्केलेटर और सीढ़ियों को मोडिफाई किया जाएगा। ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले। स्टेशन पर वाईफाई सुविधा के साथ अग्निशमन उपकरण होंगे। कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए स्टेशन बिल्डिंग के पावर ग्रिड को एसपीवी (सौर फोटो वोल्टाइक) सिस्टम से भी जोड़ा जाएगा।