बिहार के इस जिला में एक और पुल का निर्माण लगभग पूरा, कई जिलों को मिलेगा लाभ जानिए
वर्तमान में इतनी सारी तकनीक व्यवस्था एवं आधुनिकता होने के बावजूद भी यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि हमारे बिहार के कुछ क्षेत्र अभी भी ऐसे हैं जहां से लोग अपने जिला के दफ्तर मुख्यालय या फिर दूसरे शहर आवागमन के लिए उनके पास नदी, नाव के अलावा और कोई विकल्प नहीं था हालांकि आने वाले दिन में यह परेशानियां समाप्त हो जाएगी जिस पर सरकार की योजनाएं कार्य कर रही है, आज हम बिहारी के इन्हीं क्षेत्रों के बारे में मुख्य रूप से जानेंगे।
जिले में बांध की भीतरी इलाकों में कोसी नदी के गर्भ में स्थित आनंदपुर मारण पंचायत व चेर खेड़ा नामक पंचायत की लगभग 50 हजार से भी अधिक आबादी वाले इस क्षेत्र के लोग जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए आज के समय मे भी नाव का सहारा लेकर जिला मुख्यालय या दफ्तर पहुंचते हैं जो कि सहरसा में स्थित है आपको बता दूं कि सोनमनकी घाट से 3 किलोमीटर दूर स्थित शुगर कोल घाट पर गत 6 नवंबर 2019 को निर्माण कार्य शुरू की गई थी इसकी लागत 17 करोड़ 65 लाख है जो आगामी 15 मई से इन लोगों के लिए एवं वाहनों का आवागमन शुरू कर दी जाएगी।

कोसी नदी के बांध के भीतर अवश्य इस खगड़िया गांव के लोगों को अब नाव से मुक्ति मिल जाएगी इससे उन्हें अब अपने जिला के मुख्यालय तक पहुंचने के लिए नाव का सहारा नहीं लेना पड़ेगा इसके साथ साथ सोनमनकी घाट, सर्वजीता ( सहरसा सीमा) के बीच खैरी धार, बेलदरवा धाड़ एवं हेलना धार पर पुल का निर्माण कर ली गई है जिससे अब इन तीनों पुलो से फरकिया के लोग आवागमन कर सकेंगे।

