बिहार: वैशाली के लाल ने रचा इतिहास, टोक्यो में चल रहे पैरालिंपिक खेल में जीता गोल्ड मेडल
जापान की राजधानी टोक्यो में खेले जा रहे पैरालिंपिक (Tokyo Paralympics) में भारतीय दल ने अब तक ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। शनिवार को भारत के लिए बड़ी खुशखबरी बैडमिंटन कोर्ट से मिली जहाँ भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत (Pramod Bhagat) ने शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल में इतिहास रच दिया। मेन्स सिंगल्स के एसएल3 क्लास फाइनल में प्रमोद ने ग्रेट ब्रिटेन खिलाड़ी डेनियल बेथेल को 21-14, 21-17 से हराया।
आज ही सुबह सेमीफाइनल में प्रमोद भगत (Pramod Bhagat) ने अपने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए जापान की डाईसुकी फुजीहारा को सिर्फ 36 मिनट में सीधे सेटों में 21-11, 21-16 से हराकर फाइनल में गोल्ड की तरफ अपना कदम बढ़ाया था।
बचपन में पोलियो ने जकड़ा
प्रमोद भगत (Pramod Bhagat Biography) बिहार के वैशाली जिला के हाजीपुर सदर थाना क्षेत्र के शुभई गांव निवासी रामा भगत के पुत्र है, बचपन में पैर में पोलियो के कारण उसकी बहन बेहतर इलाज के लिए ओडिसा लेकर चली गई थी। वहीँ से प्रमोद ने अपने कमजोरी को पीछे छोड़ बैडमिंटन खेलना शुरू किया और आज अपने शानदार प्रदर्शन के बदौलत पैरालंपिक में बैडमिंटन में अपनी मेडल पक्की की। प्रमोद की इस कामयाबी से पुरे जिले भर में ख़ुशी का माहौल है साथ ही उनके परिजनों में भी हर्ष है।
प्रमोद के पिता गांव में रहकर खेती करते हैं। पिता रामा भगत कहते हैं- “बचपन से ही उसकी खेल में रुचि थी। वो सबको हरा देता था। तभी उसको पोलियो हो गया। इससे सब निराश हो गए थे। उसकी बहन किशुनी देवी और बहनोई कैलाश भगत को कोई संतान नहीं है। उन्होंने उसे गोद ले लिया और अपने साथ भुवनेश्वर में रखा। वहीं उसकी शिक्षा-दीक्षा हुई। इंटर के बाद उसने ITI किया है।’
मालती देवी और रामा भगत के 28 वर्षीय पुत्र प्रमोद भगत फिलहाल भुवनेश्वर में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। प्रमोद के बड़े भाई गांव में बिजली मिस्त्री का काम करते हैं। छोटे भाई शेखर भुवनेश्वर में इलेक्ट्रिकल की दुकान चलाते हैं। दिव्यांग होने के बावजूद प्रमोद की खेल में रुचि ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाया है। इसके पहले 2006 में उनका चयन ओडिशा टीम में हुआ था। वहीं, 2019 में उनका चयन राष्ट्रीय टीम में हुआ था। प्रमोद को 2019 में अर्जुन अवार्ड और ओडिशा सरकार की ओर से बीजू पटनायक अवार्ड मिल चुका है।
बिहरा के दोनों प्लेयर्स ने जीता मेडल
बताते चले कि पैरालंपिक गेम्स में बिहार से दो खिलाड़ी टोक्यो गये थे, इन दोनों खिलाड़ियों ने भारत के लिए पदक जीता। पहले तो मुजफ्फरपुर के शरद कुमार ने हाईजंप में कांस्य पदक जीतने में कामयाबी हासिल की थी और अब वैशाली के हाजीपुर के रहने वाले प्रमोद भगत ने बैडमिंटन में गोल्ड मेडल जीत लिया है। नेक्स्ट बिहार (nextbihar.com) की पूरी टीम के तरफ से बिहार के इन दोनों लाल और भारतीय टीम को ढेरों बधाई।


